शवासन में लेट जाएँ।
हथेलियाँ ऊपर की ओर, पैर ढीले।
आँखें धीरे से बंद करें।
पूरे अभ्यास के दौरान शरीर को बिल्कुल स्थिर रखना है।
स्वयं से कहें: "मैं योग निद्रा का अभ्यास कर रहा हूँ, मैं सोऊँगा नहीं।"
अपने मन में एक छोटा, सकारात्मक संकल्प लें।
जैसे: "मैं शांत और स्वस्थ हूँ।"
इसे मन ही मन तीन बार दोहराएं।
(जैसे-जैसे अंगों के नाम लिए जाएँ, अपनी जागरूकता वहाँ ले जाएँ, अंग को हिलाना नहीं है)
दायां भाग: दायां हाथ का अंगूठा... दूसरी उंगली... तीसरी... चौथी... छोटी उंगली। हथेली... कलाई... कोहनी... कंधा... कमर का दायां हिस्सा... दायां घुटना... टखना... तलवा... दाएं पैर का अंगूठा... सभी उंगलियां।
बायां भाग: बायां हाथ का अंगूठा... दूसरी उंगली... तीसरी... चौथी... छोटी उंगली। हथेली... कलाई... कोहनी... कंधा... कमर का बायां हिस्सा... बायां घुटना... टखना... तलवा... बाएं पैर का अंगूठा... सभी उंगलियां।
पश्च भाग (Back): दाहिना नितंब... बायां नितंब... पूरी रीढ़ की हड्डी... दायां कंधा... बायां कंधा... गर्दन का पिछला हिस्सा... सिर का पिछला हिस्सा।
अग्र भाग (Front): माथा... दाहिनी भौंह... बाईं भौंह... दोनों आंखों के बीच का स्थान... दाहिनी आंख... बाईं आंख... दाहिना कान... बायां कान... दाहिना गाल... बायां गाल... नाक... ऊपरी होंठ... निचला होंठ... ठुड्डी... गला... दाहिनी छाती... बाईं छाती... पेट... नाभि।
अपनी आती-जाती सांसों पर ध्यान दें।
सांस अंदर आ रही है... सांस बाहर जा रही है।
नाभि के उतार-चढ़ाव को देखें।
उल्टी गिनती गिनें: 10 (सांस अंदर), 10 (सांस बाहर)... 9 (अंदर), 9 (बाहर)... इसी तरह 1 तक जाएं।
महसूस करें कि आपका पूरा शरीर भारी हो रहा है, जमीन में धंस रहा है।
अब महसूस करें कि शरीर हल्का हो रहा है, जैसे रूई का टुकड़ा।
अपने संकल्प को फिर से तीन बार दोहराएं।
धीरे-धीरे अपनी जागरूकता बाहर के वातावरण पर लाएं।
कमरे की आवाजों को सुनें।
हाथों और पैरों की उंगलियों को धीरे से हिलाएं।
एक लंबी गहरी सांस लें और धीरे से बाईं या दाईं करवट लें।
जब सहज महसूस हो, तो उठकर बैठ जाएं और धीरे से अपनी आंखें खोलें।
योग निद्रा का अभ्यास समाप्त हुआ।